मोहम्मद शफीक़ – 65 वर्षीय

मैं 65 वर्षीय मोहम्मद शफीक़ हुँ। मैं, मेरी पूरी फैमिली और सारे रिश्तेदार सब लोग गंगवाल होम्योपैथी रिसर्च हॉस्पिटल से ही दवा लेते हैं। शुरूआत लगभग साढ़े तीन साल पहले हुई। मेरे आठ वर्षीय पोते मोहम्मद हाशिम को गेहूँँ से ऐलर्जी थी | गेहूँँ से ऐलर्जी के कारण वह कभी भी गेहूँँ नहीं खा पाता था | हम लोगों का बहुत जी जलता था | हम लोग अंदर ही अंदर बहुत ज्यादा खींजते, मानसिक तनाव में रहते थे। फिर हमने गंगवाल होम्योपैथी रिसर्च हॉस्पिटल मे संपर्क किया। डॉक्टर साहब ने बहुत बेहतरीन इलाज किया । खुदा के रहम से आज मेरा पोता तीन साल से रेगुलर गेहूँँ और गेहूँँ से बनी चीजें खा रहा है और दवा भी बंद है, सारी जाँचे नॉर्मल है। डॉक्टर साहब पर मुझे इतना विश्वास हुआ कि मैंने हमारे रिश्तेदारियो में लगभग 50-60 लाइलाज बीमारियों के मरीज थे, डॉक्टर साहब के पास भेजें इनमें गेहूँँ से एलर्जी, थायराइड, अस्थमा, संतानहीनता , PCOD, स्लिप डिस्क ,मोटापा ,ब्लड प्रेशर आदि प्रकार के मरीज भेजें | सब लोगों को संतुष्टि पूर्ण इलाज मिला और आज सब लोग डॉक्टर साहब से जुड़े हुए हैं। मैं डॉक्टर साहब का बहुत-बहुत आभारी हूँ और आशा करता हूँ कि वह इसी तरह से सामाजिक सेवा में योगदान दें।

ज्वेलर्स, जयपुर, राजस्थान
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